अर्थव्यवस्था की मजबूती के तमाम उपाय कर रही है सरकार - जावड़ेकर
   Date06-Oct-2019

लखनऊ द्य 5 अक्टूबर (वा)
केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि मोदी सरकार निवेश को प्रोत्साहन देकर अर्थव्यवस्था में तेजी लाने के तमाम उपाय कर रही है, जिसके दूरगामी परिणाम जल्द ही दिखने लगेंगे।
श्री जावड़ेकर ने शनिवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि दुनियाभर में मंदी का माहौल है जिसका आंशिक असर भारत पर पडऩा लाजिमी है, लेकिन इस समस्या से निपटने के लिए केन्द्र सरकार 24 घंटे काम कर रही है। उद्योग धंधों को रफ्तार देने के मकसद से देश के साथ ही विदेशी निवेश को प्रोत्साहन देने के तमाम फैसले हाल के दिनों में सरकार ने लिए हंै।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से पहले कांग्रेस के शासनकाल में विकास दर में कमी और महंगाई में बढ़ोतरी आम बात थी, लेकिन अब हालात जुदा है। मोदी सरकार का बैंकों को स्पष्ट निर्देश था कि ब्याज दरों का फायदा आम लोगों को मिलना चाहिए। इससे उद्योग धंधों को उबरने में मदद मिलती है।
ठ्ठ श्री जावड़ेकर ने कहा कि 2014 तक भारत में कोई विदेशी उद्योगपति आने को तैयार नहीं था क्योंकि सबसे ज्यादा कर भारत में होते हंै। केन्द्र सरकार ने निवेश को प्रोत्साहन देने के मकसद से 15 दिन पहले लिए एक निर्णय में कंपनियों का कारपोरेट टैक्स 22 फीसदी तक कम किया, जबकि वैकल्पिक कर में 15 फीसदी तक की कमी की। यह क्रांतिकारी कदम है।
ठ्ठ केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि चीन में मंदी का दौर है। उद्योग वहां से बाहर निकलना चाहते हंै। इसका लाभ उठाने और अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए मोदी सरकार ने 50 निर्णय लिए हंै। उद्योग लगाने में आने वाली कानूनी अड़चने दूर की गई है, जिससे कई सीधे तरीके से निवेश आएंगे।
ठ्ठ उन्होंने कहा कि देश में बैंकों के विलयीकरण की प्रक्रिया का मकसद क्रेडिट मॉनिटरिंग की बेहतरी के साथ प्रतिभाओं को एक छत के नीचे लाना है। देश में 27 बैंक थे। विलयीकरण के अब इनकी संख्या 12 है। जीएसटी लागू होने के निर्णय ने भी क्रांतिकारी परिवर्तन किया है। अब सभी को लगने लगा है कि जीएसटी से काम अच्छा होता है।
ठ्ठ केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि इंफ्रास्ट्रचर के क्षेत्र में देश ने हाल के वर्षों में काफी प्रगति की है। सरकार हर स्तर पर कनेक्टिविटी को बेहतर कर रही है। सड़क के साथ रेल, जलमार्ग की बेहतरी के उपाय किए गए हैं। शुक्रवार को लखनऊ से नई दिल्ली के बीच तेजस एक्सप्रेस और इससे पहले नई दिल्ली से जम्मूतवी के बीच चलने वाली वंदेभारत एक्सप्रेस इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है।
ठ्ठ उन्होंने कहा कि वाराणसी से कोलकाता तक शुरू किए गए जल परिवहन से सड़कों पर बोझ कम हुआ है। देश में सड़कों से संजाल बिछ गया है। नई सड़कों के अलावा दशकों से लंबित पड़ी परियोजनाओं से सड़क यातायात सुगम हुआ है।
ठ्ठ श्री जावड़ेकर ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में पर्यावरण मंत्रालय को उद्योग धंधों में अड़ंगा लगाने वाला विभाग माना जाता था, जबकि अब उद्योगों के लिए क्लीयरेंस का समय पहले के मुकाबले आधे से भी कम रह गया है, हालांकि पर्यावरण के साथ समझौता नहीं किया गया। देश का विकास सर्वोपरि है। सरकार ने पिछले चार महीने में 15 कैबिनेट बैठकें हुई जिसमें 110 निर्णय हुए । इससे दुनिया का निवेश ज्यादा आएगा और देश हाट डेस्टिनेशन बनेगा।
ठ्ठ उन्होंने कहा कि एक अप्रैल 2020 से सात हजार करोड़ के निवेश से बीएस 6 पेट्रोल-डीजल देश में उपलब्ध होगा जिससे पर्यावरण में और सुधार आएगा। दो साल पहले जीएसटी को राज्यों की सहमति से लागू किया गया। हर महीने जीएसटी काउंसिल की बैठक में व्यापारियों की समस्यायों पर चर्चा होती है और इसके लाभ अब व्यापारियों को दिखने लगे हैं।
ठ्ठ महाराष्ट्र में मेट्रो के लिए पेड़ काटे जाने को लेकर पूछे गए सवाल पर श्री जावड़ेकर ने कहा कि दिल्ली मेट्रो के लिए भी कई पेड़ों को काटा गया था, लेकिन बाद में और ज्यादा पेड़ लगाए गए और अब दिल्लीवासियों को सुगम यातायात के साथ-साथ वन क्षेत्र बढऩे से स्वच्छ वातावरण भी मिल रहा है। मुंबई के मामले में संयम बरतने की जरूरत है। देखना होगा कि सरकार क्या करती है। पर्यावरण के मुद्दों पर ध्यान दिया जाएगा।