पड़ोसी देशों के बीच सहयोग का विश्व में उदाहरण है भारत-बांग्लादेश संबंध
   Date06-Oct-2019

नई दिल्ली द्य 5 अक्टूबर (वा)
भारत ने बांग्लादेश के साथ अपने संबंधों को दो मित्र पड़ोसी देशों के बीच साझीदारी का विश्व के लिए एक बेहतरीन उदाहरण बताते हुए शनिवार को आपसी सहयोग के सात समझौतों पर हस्ताक्षर किए और तीन संयुक्त परियोजनाओं का शुभारंभ किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत यात्रा पर आईं बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के बीच यहां हैदराबाद हाउस में प्रतिनिधिमंडल स्तर की द्विपक्षीय वार्ता में ये करार किए गए। इनमें चटगांव एवं मंगला बंदरगाह के परिचालन की मानक प्रक्रिया, फेनी नदी से त्रिपुरा के सबरूम कस्बे के लिए पेयजल आपूर्ति के लिए 1.82 क्यूसेक पानी के उपयोग और समुद्र तटीय सुरक्षा निगरानी के करार के साथ ही हैदराबाद एवं ढाका विश्वविद्यालयों के बीच आदान-प्रदान, सांस्कृतिक एवं युवा मामलों में आदान-प्रदान तथा आसान शर्तों पर ऋण के समझौते भी शामिल हैं।
श्री मोदी ने कहा कि भारत बांग्लादेश के साथ अपनी साझेदारी को प्राथमिकता देता है। हमें गर्व है कि भारत-बांग्लादेश संबंध दो मित्र पड़ोसी देशों के बीच सहयोग का पूरी दुनिया के लिए एक बेहतरीन उदाहरण है। यह खुशी की बात है कि हमारी आज की बातचीत से हमारे संबंधों को और भी ऊर्जा मिलेगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बांग्लादेश से एलपीजी की आपूर्ति दोनों देशों को फायदा पहुंचाएगी। इससे बांग्लादेश में निर्यात, आय एवं रोजगार भी बढ़ेगा। परिवहन दूरी पंद्रह सौ किमी. कम हो जाने से आर्थिक लाभ भी होगा और पर्यावरण को भी नुकसान कम होगा। दूसरी परियोजना बांग्लादेश भारत व्यावसायिक कौशल विकास संस्थान, बांग्लादेश के औद्योगिक विकास के लिए कुशल कामगार और टेक्नीशियन तैयार करेगा।
उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की संस्कृति की उदारता और खुली भावना की तरह ही इस मिशन में भी सभी पंथों को मानने वालों के लिए स्थान है और यह मिशन हर सम्प्रदाय के उत्सव को समान रूप से मनाता है। भवन में 100 से अधिक विश्वविद्यालय में छात्रों और शोधकर्ताओं के रहने की व्यवस्था की गई है।