आरबीआई ने घटाई ब्याज दरें, सस्ता होगा होम-पर्सनल और कार लोन, घटेगी ईएमआई
   Date05-Oct-2019

नई दिल्ली द्य 4 अक्टूबर (ए)
आर्थिक वृद्धि को बढ़ाने के लिए आरबीआई ने शुक्रवार को प्रमुख नीतिगत दर रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की और कटौती कर दी है। इस कटौती के बाद रेपो दर 5.15 प्रतिशत रह गई। रेपो दर में इस वर्ष में यह लगातार पांचवीं कटौती की गई है। इस कटौती से बैंकों का कर्ज और सस्ता होने की उम्मीद बढ़ी है। इसका फायदा ग्राहकों को मिलेगा। लोगों का होम लोन, पर्सनल और कार लोन सस्ता होगा और साथ ही ईएमआई का बोझ भी कम होगा।
मौद्रिक नीति की अहम बातें ठ्ठ चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर कमजोर पड़कर पांच प्रतिशत रह गई। यह पिछले छह साल का निचला स्तर है। देश-दुनिया में लगातार कमजोर पड़ती आर्थिक वृद्धि की चिंता करते हुए रिजर्व बैंक ब्याज दरों में कटौती पर जोर दे रहा है ताकि ग्राहकों को बैंकों से सस्ता कर्ज मिले और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आए।
ठ्ठ रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिन चली बैठक के तीसरे दिन शुक्रवार को बैंक ने रेपो दर को 5.40 प्रतिशत से घटाकर 5.15 प्रतिशत कर दिया। इसके साथ ही रिवर्स रेपो दर भी इतनी ही कम होकर 4.90 प्रतिशत रह गई।
ठ्ठ रेपो दर वह दर होती है, जिस पर रिजर्व बैंक दूसरे वाणिज्यक बैंकों को उनकी फौरी जरूरतों के लिए नकदी उपलब्ध कराता है। इस नकदी की लागत कम होने से बैंकों को सस्ता धन उपलब्ध होता है, जिसे वह आगे अपने ग्राहकों को उपलब्ध कराते हैं। ठ्ठ रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की इस कटौती सहित इस साल रिजर्व बैंक रेपो दर में कुल मिलाकर 1.35 प्रतिशत की कटौती कर चुका है।
ठ्ठ रिजर्व बैंक ने इसके साथ ही चालू वित्त वर्ष के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में वृद्धि दर के अनुमान को भी 6.9 प्रतिशत से घटाकर 6.1 प्रतिशत कर दिया है।
ठ्ठ रिजर्व बैंक ने आर्थिक वृद्धि की गति बढ़ाने के मद्देनजर मौद्रिक नीति में समायोजन बिठाने वाला नरम रुख बरकरार रखा।
ठ्ठ आरबीआई के मुताबिक अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए सरकार के प्रोत्साहन उपायों से निजी क्षेत्र में खपत बढ़ेगी, साथ ही निजी निवेश बढ़ाने में मदद मिलेगी।
ठ्ठ आरबीआई ने कहा- मौद्रिक नीति में कटौती का लाभ आगे ग्राहकों तक पहुंचाने का काम आधा-अधूरा हुआ।
ठ्ठ आरबीआई के रेपो रेट में कटौती से आपका होम, पर्सनल और कार लोन सस्ता हो जाएगा और आपकी ईएमआई को बोझ कुछ कम होगा।