गांधीजी के विचारों के प्रचार-प्रसार के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा- मोदी
   Date02-Oct-2019

 
नई दिल्ली  2 अक्टूबर (वा) 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक विचारकों, उद्यमियों और प्रौद्योगिकी क्षेत्र की हस्तियों को महात्मा गांधी के विचारों और शिक्षाओं को नवाचार के जरिये फैलाने का आव्हान करते हुए कहा कि उनके आदर्शों को हासिल करने के लिए सभी को एकजुट होकर काम करना होगा ताकि विश्व को समृद्ध बनाया जा सके तथा घृणा, हिंसा और पीड़ा से मुक्त किया जा सके।
श्री मोदी ने अमेरिकी अखबार 'न्यूयॉर्क टाइम्सÓ में प्रकाशित एक लेख में कहा हम यह कैसे सुनिश्चित करेंगे कि आने वाली पीढिय़ां गांधी के आदर्शों याद रखेंगी। मैं वैश्विक विचारकों, उद्यमियों और प्रौद्योगिकी क्षेत्र की हस्तियों को महात्मा गांधी के विचारों और शिक्षाओं को नवाचार के जरिये फैलाने के लिए आमंत्रित करता हूं। 'वाई इंडिया एंड द वल्र्ड नीड गांधीÓ शीर्षक से प्रकाशित इस लेख में प्रधानमंत्री ने लिखा, आइए हम सभी कंधे से कंधे मिलाकर अपने विश्व को समृद्ध बनाएं तथा घृणा, हिंसा और पीड़ा से मुक्त करें।
इसके बाद ही हम महात्मा गांधी के पसंदीदा भजन 'वैष्णव जन तो तेने कहियेÓ के अनुसार उनके सपनों को पूरा कर सकेंगे जिसका अर्थ है कि सच्चा इंसान वही है जो दूसरों का दुख समझता है, दुखियों की मदद करता है और कभी अभिमान नहीं करता। उन्होंने कहा कि गांधीजी दुनियाभर के लाखों लोगों को हिम्मत देते हैं। उनकी प्रतिरोध की पद्धति ने कई अफ्रीकी देशों को आशा की किरण दिखाई।
श्री मोदी ने लिखा कि कैसे नेल्सन मंडेला और मार्टिन लूथर किंग जूनियर जैसी हस्तियों ने महात्मा गांधी के जीवन, आदर्शों और शिक्षाओं से प्रेरणा ली। श्री मंडेला गांधीजी को भारतीय और दक्षिण अफ्रीकी दोनों मानते थे। गांधीजी ने साबित किया था कि उनमें मानव समाज के सबसे बड़े अंतर्विरोधों के बीच पुल बन सकने की क्षमता थी। प्रधानमंत्री ने लिखा, महात्मा गांधी ने 1952 में 'यंग इंडियाÓ में लिखा था कि किसी भी व्यक्ति के लिए राष्ट्रवादी हुए बिना अंतर्राष्ट्रीय होना संभव नहीं है। अंतर्राष्ट्रवाद तभी संभव हो सकेगा जब राष्ट्रवाद एक वास्तविकता बनेगा तथा विभिन्न देशों के लोग एकजुट होकर एक व्यक्ति की तरह काम करने में समर्थ होंगे। इस लेख में प्रधानमंत्री ने लिखा है कि महात्मा गांधी का राष्ट्रवाद संकीर्ण नहीं था, बल्कि मानवता की सेवा के लिए था। उन्होंने लिखा कि बापू से गरीबों के लिए काम करने की प्रेरणा मिली। उन्होंने कहा है कि गांधीजी एक ऐसे व्यक्ति थे जिन्हें समाज के हर वर्ग का भरोसा हासिल था। उनका जन्म भले ही भारत में हुआ हो, लेकिन उनके विचार का असर पूरी दुनिया में दिखता है।
ठ्ठ श्री मोदी ने लिखा, महात्मा गांधी को समाज के हर वर्ग का विश्वास हासिल था। वर्ष 1917 में गुजरात के अहमदाबाद में कपड़ा उद्योग में एक बड़ी हड़ताल हुई। मिल मालिकों और मजदूरों के बीच विवाद हल नहीं हुआ तो गांधीजी ने मध्यस्थता करते हुए इस मामले को सुलझाया।
ठ्ठ प्रधानमंत्री ने कहा कि गांधीजी मजदूरों के कल्याण के लिए भी लड़ते रहे। उन्होंने लिखा, मजदूरों को अधिकार दिलाने के लिए उन्होंने मजदूर महाजन संघ की स्थापना की। पहली बार में यह कोई साधारण संगठन लगता है लेकिन इस संगठन ने साबित किया कि कैसे छोटे-छोटे कदम बड़ा प्रभाव छोड़ सकते हैं। गांधीजी के कई कदमों के चलते इस संगठन का काफी असर दिखा। उन दिनों बड़े लोगों का सम्मान करने के लिए लोग उन्हें महाजन कहते थे। गांधीजी चाहते थे कि लोग मजदूरों का भी सम्मान करे इसलिए उन्होंने मजदूरों के नाम के साथ महाजन जोड़ दिया।
ठ्ठ श्री मोदी ने लिखा, गांधीजी के पास हर समस्या का समाधान था। हमें रास्ता दिखाने के लिए गांधीजी सबसे अच्छे टीचर हैं।