अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण का मुद्दा राजनीतिक नहीं, देश की आस्था का विषय
   Date17-Oct-2019
 
भुवनेश्वर   16 अक्टूबर (विसंके)
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सहसरकार्यवाह डॉ. मनमोहन वैद्यजी ने कहा कि संघ के स्वयंसेवकों के कठोर परिश्रम एवं सतत प्रयास और समाज की अनुकूलता के कारण संघ कार्य का लगातार विस्तार हो रहा है। विशेष कर युवा व छात्र संघ से जुड़ रहे हैं। स्थानीय शिक्षा व अनुसंधान विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की कार्यकारी मंडल बैठक के शुभारंभ के बाद पत्रकारों से बातचीत में सहसरकार्यवाह ने जानकारी दी।
एक प्रश्न के उत्तर में डॉ. वैद्य ने कहा कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण का मुद्दा राजनैतिक मुद्दा नहीं है। यह देश की आस्था का विषय है। इसी तरह कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि संविधान में इस धारा का उल्लेख अस्थायी प्रावधान के रूप में था। उन्होंने एक और प्रश्न के उत्तर में कहा कि पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय विचारों के लोगों की हत्या हो रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि संघ का मानना है कि सरकार सब कुछ नहीं करेगी। समाज को स्वयं आगे आकर अपना कार्य करना होगा। इसी भावना को लेकर संघ के स्वयंसेवक समाज परिवर्तन के कार्य में सक्रिय हैं। 1998 से प्रारंभ ग्राम विकास का परिणाम अनेक गांवों में देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि समाज में जाति-पाति के बंधन को मिटाने तथा पूरा समाज एक है, ऐसी भावना समाज में जागृत करने एवं सामाजिक समरसता पैदा करने के लिए संघ स्वयंसेवक कार्य कर रहे हैं। भारतीय नस्लों की गायों के संवर्धन के लिए भी संघ के स्वयंसेवक कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज में एकल परिवार का प्रचलन बढऩे के कारण परिवारों में मूल्यों का क्षरण हो रहा है। इस कारण संघ के स्वयंसेवकों द्वारा कुटुंब प्रबोधन का कार्य किया जा रहा है। (शेष पृष्ठ 8 पर)उन्होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा के लिए संघ के स्वयंसेवक तीन पी यानी पौधे लगाने, पानी का कम उपयोग तथा प्लास्टिक का उपयोग न करने को लेकर जागरूकता लाने के कार्य में लगे हैं। डॉ. वैद्य ने बताया कि वर्तमान में पूरे देश में 57,411 दैनिक शाखाएं एवं 18923 साप्ताहिक मिलन चल रहे हैं। वर्ष 2009 में संघ कार्य का विस्तार करने की योजना बनाई गई थी। इस कारण 2010 से ही शाखाओं का लगातार विस्तार हो रहा है। 2010 के बाद शाखाओं की संख्या में कुल 19 हजार 584 की बढ़ोतरी हुई है। 2010 से 2014 तक लगभग 6 हजार शाखाओं की बढ़ोतरी हुई। उन्होंने कहा कि देशभर के 6000 प्रखंडों में यानि 90 प्रतिशत प्रखंडों में संघ का काम है। उन्होंने बताया कि देशभर में चलने वाली शाखाओं में से छात्र व युवाओं की शाखाओं की संख्या 60 प्रतिशत है, 20 से 40 साल के आयु वर्ग के बीच स्वयंसेवकों की शाखाओं का प्रतिशत 29 प्रतिशत है। 40 साल की आयु से अधिक प्रौढ़ लोगों की शाखाओं की संख्या 11 प्रतिशत है। सहसरकार्यवाह ने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने 2013 में वेबसाइट के जरिये ज्वाइन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नाम से एक योजना शुरू की थी। इसमें काफी संख्या में लोग जुडऩे के लिए अनुरोध कर रहे हैं। इसमें युवाओं व छात्रों की संख्या सर्वाधिक है। वर्ष 2013 में ही इसके जरिये संघ से जुडऩे के लिए 88,843 अनुरोध प्राप्त हुए थे। 2014 से लेकर 2016 तक औसतन 90 से 95 हजार लोगों ने, 2017 में 1.25 लाख, 2018 में 1.05 लाख एवं 2019 में सितंबर माह तक 1.03 लाख अनुरोध संघ से जुडऩे के लिए प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि संघ के कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण पर भी जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में कार्यकर्ता विकास वर्ग आयोजित किए जा रहे हैं। इन वर्गों में प्रशिक्षण को कैसे बेहतर किया जा सकता है तथा इसमें कैसे वेल्यू एडिशन किया जा सकता है, इस संबंध में भी बैठक में चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक में देश के समस्त प्रांतों से प्रांत स्तरीय अधिकारी शामिल हो रहे हैं। तीन दिनों तक चलने वाली बैठक में लगभग 350 प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। संवाददाता सम्मेलन में संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख अरुण कुमार व सहप्रचार प्रमुख नरेन्द्र ठाकुर भी उपस्थित थे।