'लिंचिंग' पश्चिम से आयातित शब्द
   Date10-Oct-2019

नागपुर द्य 9 अक्टूबर विप्र।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना दिवस 'विजयादशमीÓ पर मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प.पू.सरसंघचालक मा. डॉ. मोहनराव भागवत ने नागपुर के रेशिमबाग में स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि संघ अपने राष्ट्र के पहचान के बारे में और हम सबकी सामूहिक पहचान के बारे में अडिग़ है। भारत हिंदुस्तान, हिंदू राष्ट्र है, जो भारत के वैभव को बढ़ाने का चिंतन रखते हैं और कार्य करते हैं वह सब हिंदू है। मॉब लिंचिंग (भीड़ की हिंसा) जैसे शब्द प्रयोग पर भी आपत्ति जताते हुए उन्होंने कहा कि यह भारत को और पूरे हिंदू समाज को बदनाम करने के लिए विदेश अर्थात पश्चिम से आयातित शब्द है जिसके पीछे षड्यंत्र है।
इस दौरान उनके साथ मंच पर मुख्य अतिथि के रूप में एचसीएल टेक्नालॉजी के अध्यक्ष श्री शिव नाडर विराजमान थे। स्वयंसेवकों ने इस दौरान अपना शारीरिक प्रदर्शन भी किया। कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस, कई केंद्रीय मंत्री व साधु-संतों के अलावा बड़ी संख्या में आमजन भी उपस्थित थे।
डॉ. भागवत ने कहा कि देश की प्रतिष्ठा बढ़ाने और शांति स्थापना के लिए प्रयासरत हर भारतीय हिंदू है। कथित आर्थिक सुस्ती के बारे में ज्यादा चर्चा और चिंता की जरूरत नहीं है, क्योंकि जब आपकी वृद्धि दर 0 से नीचे जाती है, तब मंदी कही जाती है, जबकि हमारी वृद्धि दर 5 प्रतिशत के करीब है। इसलिए इस पर बहस की जरूरत नहीं है।
डॉ. भागवत ने राष्ट्र की पहचान एवं संघ के अभिमत को लेकर भी स्पष्ट रूप से राय रखी और कहा कि संघ की अपने राष्ट्र के पहचान के बारे में, हम सबकी सामूहिक पहचान के बारे में, हमारे देश के स्वभाव की पहचान के बारे में स्पष्ट दृष्टि व घोषणा है, वह सुविचारित व अडिग है, कि भारत हिंदुस्थान, हिंदू राष्ट्र है। संघ की दृष्टि में हिंदू शब्द केवल अपने आप को हिंदू कहने वालों के लिए नहीं है। जो भारत के हैं, जो भारतीय पूर्वजों के वंशज है तथा सभी विविधताओं का स्वीकार सम्मान व स्वागत करते हुए आपस में मिलजुलकर देश का वैभव तथा मानवता में शांति बढ़ाने का काम करने में जुट जाते हैं वे सभी भारतीय हिंदू हैं। षड्यंत्रकारी लिचिंग को लेकर डॉ. भागवत ने स्पष्ट रूप से कहा कि स्वतंत्र देश के नागरिकों का यही कर्तव्य है कि वे संविधान, कानून के दायरे में इसका समाधान खोजे। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं में लिप्त लोगों का संघ ने कभी भी समर्थन नहीं किया है और ऐसी प्रत्येक घटना के विरोध में संघ खड़ा है। ऐसी घटनाएं ना हो इसलिए स्वयंसेवक प्रयासरत रहते हैं। परंतु ऐसी घटनाओं को, जो परंपरा भारत की नहीं है ऐसी परंपरा को दर्शाने वाले 'लिंचिंगÓ जैसे शब्द देकर, सारे देश को व हिंदू समाज को सर्वत्र बदनाम करने का प्रयास करना, देश के तथाकथित अल्पसंख्यक वर्गों में भय पैदा करने का प्रयास करना, ऐसे षड्यंत्र चल रहे हैं यह हम को समझना चाहिए।
डॉ. भागवत ने कहा कि भड़काने वाली भाषा तथा भड़काने वाले कृतियों से सभी को बचना चाहिए। विशिष्ट समुदाय के हितों की वकालत करने की आड़ में आपस में लड़ा कर स्वार्थ की रोटियां सेकने का उद्योग करने वाले तथाकथित नेताओं को प्रश्रय नहीं देना चाहिए। ऐसी घटनाओं का कड़ाई से नियंत्रण करने के लिए पर्याप्त कानून देश में विद्यमान है। उनका प्रामाणिकता से व सख्ती से अमल होना चाहिए।